रतिया मार्केट कमेटी चेयरमैन नियुक्त किए गए धर्मपाल शर्मा ने अभी कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया है और उन्हें इस पद से हटाने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। रतिया मार्केट कमेटी चेयरमैन धर्मपाल शर्मा के पैतृक गांव भूंदड़वास सहित 11 गांवों के सरपंचों ने शुक्रवार को उपायुक्त डा. विवेक भारती से मुलाकात की और उनके मार्फत प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर धर्मपाल शर्मा को पदभार ग्रहण ना करवाने की अपील की है। इस विरोध के पीछे धर्मपाल शर्मा का अपने गांव भूंदड़वास के सरपंच के साथ चार माह पहले हुए एक विवाद को मुख्य कारण बताया गया है। मार्केट कमेटी चेयरमैन पर सरपंच रहते हुए गबन के आरोपों को बनाया आधार उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में सरपंचों ने धर्मपाल शर्मा वर्ष 2015 से लेकर 2020 तक गांव भुंदरवास का सरपंच रहा है। आरोप है कि उस दौरान धर्मपाल शर्मा द्वारा लाखों रुपए का गबन किया गया। जिसकी रिपोर्ट पंचायती राज एसडीओ द्वारा एक्सईएन को भेजी गई। उसमें धर्मपाल शर्मा को आरोपी बनाया गया है, जिसकी जांच डीडीपीओ फतेहाबाद द्वारा लंबित पड़ी है। सरपंचों ने आरोप लगाया कि धर्मपाल शर्मा ने 23 मई 2025 को गांव भुंदड़वास के सरपंच सर्वजीत सिंह पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इतना ही नहीं, धर्मपाल शर्मा पर ये भी आरोप है कि उसने सिख सरपंच सर्वजीत सिंह के साथ मारपीट के दौरान उसकी पगड़ी उतारकर उसे अपमानित भी किया गया था। सरपंचों ने दो टूक कहा कि अगर उनके विरोध के बावजूद अगर धर्मपाल शर्मा को मार्केट कमेटी रतिया चेयरमैन का पदभार ग्रहण करवाया जाता है तो वो इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इन सरपंचों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन शुक्रवार को उपायुक्त डा. विवेक भारती को ज्ञापन सौंपने वाले सरपंचों में भूंदड़वास के सरपंच सर्वजीत सिंह, गांव कंवलगढ़ के सरपंच गुरतेज सिंह, गांव मुंशीवाली की सरपंच शकुंतला, गांव बाड़ा के सरपंच गुरजीत सिंह, गांव रत्ताखेड़ा के सरपंच अरविंद कुमार, गांव रोझांवाली के सरपंच पुरुषोतम सिंह, गांव भरपूर की सरपंच ज्योति, गांव फूलां के सरपंच सुनील कुमार, गांव नंगल की सरपंच नवनीत कौर एवं सरदारेवाला की सरपंच गुरप्रीत कौर ने भी हस्ताक्षर किए हैं।