हरियाणा सरकार और यूनियन के बीच बनी सहमति के बावजूद मानी गई मांगों का नोटिफिकेशन जारी न होने के विरोध में फतेहाबाद के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पर एक दिवसीय जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्रधान सुनील कुमार की अध्यक्षता और जिला सचिव हरपाल सिंह भूथन के संचालन में आयोजित इस धरने में सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के बाद जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के माध्यम से पंचायत मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन नेताओं जिला प्रधान सुनील कुमार, सचिव हरपाल सिंह और सह सचिव बेगराज ने बताया कि कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर 15 मई से 29 मई 2026 तक हड़ताल की थी। इसके बाद 29 मई को पानीपत में सरकार के साथ हुई वार्ता में 18 में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी और 30 जून तक सभी परिपत्र जारी करने का आश्वासन मिला था। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने वादाखिलाफी की है: वेतन वृद्धि में देरी: सहमति के अनुसार ₹2,100 की बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होनी थी, लेकिन सरकार ने इसे 1 जुलाई से लागू करने का पत्र जारी किया। अन्य मांगों की अनदेखी: बाकी 16 मानी गई मांगों के संबंध में अभी तक कोई परिपत्र जारी नहीं किया गया है। प्रमुख मांगें और चेतावनी: कर्मचारियों ने मांग की है कि 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेशानुसार कर्मचारियों को पक्का किया जाए, जनवरी से जून 2026 तक का ₹12,600 का एरियर दिया जाए और सभी मानी गई मांगों के पत्र तुरंत जारी हों। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा और विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पूरे हरियाणा से दो पदयात्राएं निकाली जाएंगी। प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस मौके पर पवन बनगांव, गुरदास रतिया, दर्शन जाखल, हरपाल टोहाना, अनिल भूना, पवन फतेहाबाद और जगदीश चंद्र नागपुर सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।