शहर निवासी अंकुश गोयल द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत परिवार पहचान पत्र की आय के संबंध में मांगी गई जानकारी प्राप्त होने पर अब बड़ा स्पष्टीकरण मिला है। इस संबंध में प्राप्त हुए एक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वृद्ध, विकलांग व विधवा पेंशनधारकों को प्रत्येक माह मिलने वाली राशि को आय का स्त्रोत नहीं माना जाएगा। इससे पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। विदित है कि पहले विधवा, वृद्धावस्था और विकलांग पेंशन को पीपीपी में परिवार की आय के रूप में माना जाता था। इससे पेंशनधारक सदस्यों वाले परिवारों की आय पीपीपी में बढ़ जाती थी। इससे सर्वाधिक परेशानी उन्हें हो रही थी, जो पेंशनधारक अपने बच्चों के साथ रह रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आय परिवार पहचान पत्र में तीन लाख रुपए से अधिक हो रही थी, लेकिन अब आरटीआई से प्राप्त सूचना में पेंशन राशि को आय का स्त्रोत न मानने की स्थिति स्पष्ट होने से हरियाणा वासियों को बड़ी समस्या से निजात मिलेगी।