संवाद न्यूज एजेंसी रतिया । भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) ने आज प्रदेश अध्यक्ष राजविंद्र चहल की अध्यक्षता में रतिया बिजली घर का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का संचालन प्रदेश प्रवक्ता राम जाट ने किया। इस दौरान बेगराज फूला, सतनाम लांबा सहित बड़ी संख्या में अन्य किसान मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों किसानों ने सोमवार को बिजली घर दफ्तर के बाहर धरना दिया। किसानों का सीधा आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनसे 8 घंटे बिजली देने का वादा तो करता है, लेकिन हकीकत में 4 घंटे भी निर्बाध सप्लाई नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो कुदरत का सहारा नहीं मिल रहा, बारिश ना होने से गर्मी और उमस चरम पर है वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग की मनमानी ने हमारी धान की फसल को बर्बादी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। बिना बारिश और बिजली के अभाव में धान की फसलें सूखने के कगार पर हैं। किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उनका धान सूख रहा है और अगर तुरंत पूरी बिजली नहीं दी गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के अंत में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि किसानों ने एसडीओ को सौंपे ज्ञापन में कहा कि रतिया क्षेत्र में धान की बिजाई पूरी हो चुकी है, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पूरी वोल्टेज भी नहीं मिल रही, जिससे किसानों की मोटर, स्टार्टर और अन्य बिजली उपकरण जलकर खराब हो रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई नहीं होने के कारण धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा बना हुआ है। ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि धान की फसल को बचाने के लिए नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, अघोषित बिजली कटों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा कम वोल्टेज के कारण खराब या जले हुए ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए, ताकि किसान समय पर सिंचाई कर अपनी फसल बचा सकें उन्होंने दो टूक कहा कि यदि जल्द से जल्द शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली प्रशासन की होगी। इस दौरान किसानों राम सिंह, प्रितपाल सिंह, निरंजन सिंह, बूटा सिंह, बेगराज, हरदयाल, छैलूराम सहित अन्य किसान मौजूद थे करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान शहरी एवं ग्रामीण एसडीओ अशोक पानू व सुनील कंबोज मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि अघोषित बिजली कटों की समस्या में जल्द सुधार किया जाएगा तथा किसानों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद किसानों ने मांगपत्र सौंपकर अपना धरना समाप्त कर दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और अघोषित कटों पर रोक नहीं लगी तो भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ हरियाणा के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज किया जाएगा