फतेहाबाद के गांव बीघड में दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बनाए गए श्रीगुरु तेग बहादुर स्कूल में निरीक्षण करने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान व शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) इकाई के प्रधान परमजीत सिंह सरना पहुंचे। उनके साथ हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे। यह स्कूल पिछले 5 वर्ष से बंद पड़ा है और इसकी बिल्डिंग खस्ता हाल हो रही है। इसी को लेकर परमजीत सिंह सरना अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और स्कूल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रति गुस्सा जाहिर किया। मीडिया से बातचीत करते हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा कि उनके कार्यकाल में यहां स्कूल चलाया जा रहा था जहां पर करीब 1000 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे और साथ इंजीनियरिंग कॉलेज की बिल्डिंग भी बनाई गई थी। लेकिन दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मौजूदा कार्यकारिणी ने स्कूल को बंद कर दिया और नवनिर्मित बिल्डिंग का काम भी रोक दिया गया। इसके चलते अब दोनों बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अब स्कूल को बेचना चाहती है। ताकि घाटा पूरा किया जा सके। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे आसपास की संगत की साथ उन्होंने बातचीत की है और अगर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने हाथ खड़े करती है तो वह और हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने खर्चे पर स्कूल को चलाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के चाचा स्कूल को बर्बाद करना चाहते हैं ताकि स्कूल की जमीन को सस्ते दामों पर खरीदा जा सके। इस दौरान परमजीत सिंह सारण के साथ दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य जितेंद्र सिंह, अकाली दल की दिल्ली की यूथ ईकाई के महासचिव जसमीत सिंह और हरियाणा सिख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मोहन जीत सिंह, कर्मजीत सालमखेडा सहित काफी लोग उपस्थित थे। इस दौरान परमजीत सिंह सारण और उनकी टीम के द्वारा स्कूल के अंदर पाठ भी किया गया और स्कूल को दोबारा शुरू करने को लेकर अरदास भी की गई।