जिले के गांव भीरड़ाना, झेलनिया, बरसिन, ढाणी माजरा और भूथन कला में रविवार शाम को हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कुदरत की इस मार से आहत किसानों ने लामबंद होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और उचित मुआवजे की मांग की। किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी सरसों और गेहूं की फसलों को 80 फीसदी से अधिक नुकसान पहुंचा है। ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सरसों की फलियां पूरी तरह झड़ चुकी हैं और गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर बिछ गई हैं। किसानों ने चिंता जताई कि इस तबाही के कारण पैदावार में भारी गिरावट आएगी, जिससे उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने सरकार से जल्द गिरदावरी करवाकर आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है।