गांव भिरडाना के सरपंच प्रतिनिधि की गाड़ी का चालान करने को लेकर हंगामा हो गया। सरपंच प्रतिनिधि ने पुलिस कर्मचारियों को कानून का पाठ पढ़ाया तो बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इस बहस में वहां पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने सरपंच प्रतिनिधि, पंच व मनरेगा मेट के साथ मारपीट की और हुडा चौकी में लेकर आ गए। मामला इतना बढ़ा गया कि आसपास के सरपंच इकट्ठा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी जयपाल सिंह मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार गांव भिरडाना के सरपंच प्रतिनिधि जसविंद्र उर्फ जस्सी अपने गाड़ी में सवार होकर फतेहाबाद आ रहे थे। इसी दौरान उसके साथ पंच राजेंद्र व एक मनरेगा मेट लवप्रीत भी था। पुलिस ने भूना रोड के पास नाकाबंदी कर वाहनों के चालान कर रही थी। इसी दौरान सरपंच की गाड़ी रूकवा ली। सरपंच प्रतिनिधि ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। ऐसे में पुलिस ने चालान काट दिया। इस दौरान पुलिस कर्मचारी व सरपंच प्रतिनिधि के बीच बहस हो गई। सरपंच प्रतिनिधि जसविंद्र उर्फ जस्सी का आरोप इसी दौरान वहां पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने पीटना शुरू कर दिया। गाड़ी में सवार पंच व मनरेगा मेट की भी पिटाई की। आरोप है कि पुलिस ने सरपंच को हिरासत में लेकर हुडा चौकी में लेकर आ गए। मामले की सूचना आसपास के सरपंचों को मिली तो चाैकी का घेराव कर दिया। वहीं, घटना के बाद डीएसपी जयपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। लेकिन सरपंच नहीं माने। जसविंद्र जस्सी ने आरोप लगाया कि गाड़ी में डेढ़ लाख रुपये की नकदी, दो सोने की चेन आदि भी थी। अगर गायब होती है तो पुलिस की जिम्मेदारी होगी। घायल सरपंच को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।