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फतेहाबाद के टोहाना में किसानों का हल्ला बोल; 72 घंटे का वादा, एक महीने बाद भी पेमेंट नहीं

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर टोहाना में किसानों ने अनाज मंडी में पेमेंट भुगतान न होने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाभ सिंह की अगुवाई में किसानों ने गेहूं बिक्री के बाद भी भुगतान न मिलने पर सरकार को घेरा। किसान नेता लाभ सिंह व रमेश डांगरा ने बताया कि 8 अप्रैल से मंडी में गेहूं की बोली शुरू हुई थी, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी 70% गेहूं का उठान नहीं हुआ। उठान न होने से पेमेंट अटकी है और किसान परेशान हैं। नेताओं ने तंज कसा, "सीएम सैनी 72 घंटे में भुगतान का दावा करते हैं, पर उनके 72 घंटे कितने बड़े हैं? 8 अप्रैल की फसल का पैसा आज तक नहीं मिला।" किसानों ने भाखड़ा बांध से स्थानीय अधिकारियों को हटाने की केंद्र की नीति का भी विरोध किया। कहा, "बांध पंजाब-हरियाणा की संपत्ति है। केंद्र कॉर्पोरेट घरानों को बेचने की चाल चल रहा है।" SYL मुद्दे पर बोले, "चुनाव आते ही पानी का मुद्दा गरमाया जाता है, बाद में सब भूल जाते हैं। यह हमें लड़ाने की सियासत है।" किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव से उठान, भुगतान और मंडी में पड़ी फसल का हिसाब मांगा। बताया कि बच्चों की फीस और अगली फसल की बुवाई के लिए पैसे नहीं हैं। मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने कहा कि टोहाना मंडी व परचेज सेंटर में 8.91 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसमें 85 प्रतिशत लिफ्टिंग हैफेड और वेयर हाउस कर चुके हैं। एजेंसियों के मुताबिक 76% पेमेंट हो चुकी है। सचिव ने माना कि लिफ्टिंग धीमी है, इसलिए 3-4 बार एजेंसियों को नोटिस दिए गए। "लिफ्टिंग के बाद ही पेमेंट होती है। दोनों एजेंसियों ने कहा है कि अगले 5-6 दिन में 95-98 प्रतिशत लिफ्टिंग हो जाएगी," सचिव ने भरोसा दिलाया। किसानों ने चेताया कि भुगतान नहीं मिला तो आंदोलन तेज होगा।

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