संयुक्त किसान मोर्चे ने सोमवार सुबह 10 बजे से शहीद चौक पर पक्का धरना शुरू कर दिया। मोर्चे का कहना है कि प्रशासन ने मांगों पर सिर्फ आश्वासन दिया, जमीन पर काम नहीं हुआ। मोर्चे के पदाधिकारियों में मनजीत पूर्णमजरा ने बताया कि इससे पहले कई बार चेतावनी दी जा चुकी है और एसडीएम को मांग पत्र भी सौंपे गए थे। साझा मोर्चे की एसडीएम के साथ बैठक भी हुई थी जिसमें कहा गया था कि काम जल्द शुरू करवा दिया जाएगा। "लेकिन बैठक के बाद न कोई संदेश आया, न काम हुआ। सिर्फ एक ग्रिल लगा दी और थोड़ी सफाई कर दी। इसके अलावा कुछ नहीं हुआ," मोर्चे के एक नेता ने कहा। इसी को लेकर रविवार को संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक हुई और फैसला लिया गया कि 3 अगस्त को शहीद चौक पर धरना लगाया जाएगा। सोमवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सांकेतिक धरना रहेगा। इसके बाद यह धरना लगातार 15 अगस्त तक जारी रहेगा। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि अगर 15 तारीख से पहले मांगों पर काम शुरू नहीं हुआ तो किसी भी मंत्री को चौक पर माला नहीं पहनाने दी जाएगी। "भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने देश के लिए कुर्बानी दी। उन्हें शत-शत नमन करना हमारी जिम्मेदारी है। लेकिन प्रशासन और सरकार शहीद चौक के लिए कोई काम नहीं कर रही," नेताओं ने कहा। मोर्चे ने दोबारा चेतावनी देते हुए कहा कि काम तुरंत शुरू करवाया जाए, वरना 15 अगस्त के कार्यक्रम में भी किसी को माला नहीं पहनने दी जाएगी।