नगर परिषद ने पिछले दिनों शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान शहर में दुकानों के आगे लगे शेड तोड़े गए और सामान जब्त किया गया था। इसको लेकर काफी विरोध हुआ था। लेकिन इस अभियान दौरान रखे गए कर्मचारियों को वेतन ही नहीं मिला है। कर्मचारी अब नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे है। बताया जा रहा है कि बिल तैयार है लेकिन अधिकारी हस्ताक्षर करने से पीछे हट रहे है। सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे कर्मचारी अमरीक सिंह, रितिक, सागर और अमित ने कहा कि तीन माह का वेतन रूका हुआ है। ठेकेदार के जरिए शहर में सफाई, अतिक्रमण हटाने और सीवरेज लाइन की सफाई के लिए रखा गया था। तीन माह तक अलग-अलग जगहों पर काम करवाया गया। लेकिन अब नगर परिषद के कर्मचारी कह रहे है कि वह जानते नहीं है। 11 हजार रुपये मानदेय देने की बात हुई थी। अधिकारी और ठेकेदार सुनवाई नहीं कर रहे है। अगर मानदेय नहीं दिया गया तो कोर्ट जाएंगे। -