हरियाणा सरकार के बिजली निगम पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाकर बिजली कर्मचारियों का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन बुधवार को कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष तीसरे दिन भी जारी रहा। 3, 4 और 5 अगस्त तक चलने वाले इस प्रदर्शन में बिजली बोर्ड की चारों यूनियनों के साथ-साथ अभियंता संघ और किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। धरने में जुटे कर्मचारियों ने "सरकार मुर्दाबाद", "निकम्मी सरकार मुर्दाबाद" और "वर्कर एकता जिंदाबाद" के नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार तीन काले कानून लाकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा। नेताओं ने बताया कि आज सरकार के साथ बैठक है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 11-12 अगस्त को बड़ा आंदोलन कर 2 दिन की हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा, "यह अब सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, जन आंदोलन बनेगा। समय रहते सरकार बात करे वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहे।" धरने में एएचबीसी, इंजीनियर एसोसिएशन, एससीबीसी और किसान यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार की नीतियां नहीं बदलीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।