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फतेहाबाद: छठ पूजा को लेकर उमड़ी भीड़, महिलाओ ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

शाहिल शर्मा Updated Mon, 27 Oct 2025 06:16 PM IST

शहर में छठ पूजा को लेकर नहर के विभिन्न घाटों पर महिलाएं पूजा करने के लिए पहुंची इस दौरान इस पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला वे सांय के समय डीजे की धुन पर नाचते हुए नजर आए तथा खूब पटाखे चलाए। महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। डा परशुराम राय व पूनम राय ने बताया कि यह पर्व दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है। पहले दिन श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं, दूसरे दिन व्रत रखा जाता है और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा तीसरे और चौथे दिन तक जारी रहती है। उन्होंने कहा कि सोमवार को छठ पूजा का तीसरा दिन है, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है। यह छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है, इस दिन परिवार के सभी सदस्य नदी किनारे जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। उन्होंने कहा कि सूर्य की एक पत्नी का नाम प्रत्यूषा है और ये अर्घ्य उन्हीं को दिया जाता है। छठ का पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है यह अर्घ्य अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाता है। इस समय जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाता है। ये होता है लाभ सत्यवान व मिथुन ने बताया कि महिलाएं अपने बच्चों की लंबी आयु की कामना को लेकर यह व्रत करती है। इस पूजा से नेत्र ज्योति बढ़ती है लम्बी आयु मिलती है और आर्थिक संपन्नता आती है। इस समय का अर्घ्य विद्यार्थी द्वारा देने से उनको शिक्षा में भी लाभ होगा। अर्घ्य देने के लिए एक लोटे में जल लेकर उसमें कुछ बूंदें कच्चा दूध मिलाकर, लाल चंदन, चावल, लाल फुल और कुश डालकर प्रसन्न मन से सूर्य की ओर मुख करके सूर्य मंत्र का जप करते हुए जल की धारा में धीरे-धीरे प्रवाहित कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुष्पांजलि अर्पित करते है।

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