नशे पर लगाम लगाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने सोमवार को आरएमपी डॉक्टरों की अपने कार्यालय में बैठक ली। इस दौरान निर्देश दिए कि सीरिंज के नियमानुसार तुरंत नष्ट करें, ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो सके। उन्होंने कहा आरएमपी डॉक्टरों को सलाह दी कि वे दवाइयों को केवल जरूरत के मुताबिक ही अपने पास रखें। बैठक में सामजिक चिकित्सक महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह के नेतृत्व में आरएमपी डॉक्टर मौजूद रहे। नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज डॉ.गिरीश ने भी जागरूक किया। बैठक में नशे की बढ़ती समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई और इससे निपटने के उपायों पर जोर दिया गया। सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने कहा कि आरएमपी डॉक्टरों की भूमिका समाज में बेहद अहम है। वे न केवल मरीजों का इलाज करते हैं, बल्कि लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत से ग्रसित लोगों को सही समय पर उपचार केंद्रों में दाखिल करवाना जरूरी है, ताकि उन्हें उचित इलाज और परामर्श मिल सके।