पुलिस महानिदेशक हरियाणा ओपी सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत दादरी पुलिस ने गांव डोहकी निवासी सेवानिवृत सूबेदार मंगलीराम की हत्या करने के दो आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार करते हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। मृतक मंगलीराम दादरी पुलिस में बतौर एसपीओ तैनात अनिल के पिता थे। डीएसपी रमेश कुमार ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि सोमवार सुबह पुलिस को नेशनल हाईवे 148बी पर गांव पैंतावास खुर्द के समीप सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। शिनाख्त होने पर पता चला कि वह दादरी पुलिस में बतौर एसपीओ तैनात गांव डोहकी निवासी अनिल के पिता मंगलीराम का शव है। अनिल ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम 6 बजे उसके पिता के पास किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया। उसके बाद वह घर से चले गये। अनिल व उसके परिजन रातभर उसके पिता की तलाश करते रहे। सोमवार सुबह उन्हें उनका शव पड़ा होने की सूचना मिली। शव के सिर, हाथ व गर्दन पर चोट के निशान थे। पुलिस ने बेटे अनिल के बयान के आधार पर हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया था। डीएसपी रमेश कुमार ने बताया कि सोमवार को अनिल ने पुलिस को सप्लीमेंटरी बयान दर्ज करवाए, जिसमें उसने पड़ोस के ही एक व्यक्ति पर शक जताया। पुलिस ने शव के पास से मिले मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व सप्लीमेंट्री बयान के आधार पर दो आरोपियों को नेशनल हाईवे 152डी के फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान गांव डोहकी निवासी सतीश व हिसार जिले के गांव भैणी हमीरपुर निवासी शमशेर उर्फ लीला के रूप में हुई है। शुरूआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सतीश मृतक मंगलीराम से एक लाख रुपये उधार मांग रहा था। रुपये न देने पर उसने अपने साथी के साथ मिलकर घर पर ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया और सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को एनएच 148बी के किनारे डाल दिया। डीएसपी रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी सतीश व शमशेर की मुलाकात भिवानी जेल में हुई थी। दोनों ही हत्या के मामले में जेल में बंद थे। पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है।