जिले के सभी 209 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पहली पीटीएम आयोजित की गई। इसमें शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों के किए गए गृह कार्य की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बच्चों पर ध्यान के लिए कहा। इसके बाद अभिभावकों के साथ खेल गतिविधियां करवाई गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, रचनात्मक गतिविधियों और समग्र विकास के लिए अभिभावकों व शिक्षकों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करना रहा। एफएलएन जिला समन्वयक संदीप कुमार ने बताया कि पीटीएम विशेष रूप से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को एनसीएफ-एसएफ (राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा - स्कूली शिक्षा) के आधार पर दिए गए रचनात्मक गृहकार्य की समीक्षा के लिए रही। इसमें शिक्षकों ने कक्षानुसार विद्यार्थियों की रिपोर्ट बनाई और पीटीएम में उनके अभिभावकों को उनकी प्रगति के बारे में जानकारी दी। साथ ही जुलाई अंत में होने वाली सेट परीक्षा के लिए भी विशेष ध्यान देने की बात कही। इसके बाद अभिभावक-अध्यापक ने बालसभा, म्यूजिकल चेयर, आइस-ब्रेकिंग एक्टिविटी, कविता पाठ, मटका रेस, नींबू रेस, रस्साकसी आदि गतिविधियां करवाई। इनमें खंड शिक्षा अधिकारियों, डाइट बिरही कलां के फैकल्टी सदस्यों, बीआरपी और एबीआरसी ने पीटीएम का निरीक्षण किया। बीआरपी गायत्री शर्मा ने बताया उन्होंने दो विद्यालयों की पीटीएम का निरीक्षण किया। इसमें अभिभावकों की उपस्थिति जांची और उनसे स्कूल में शिक्षकों की पढ़ाने की व्यवस्था आदि पर बातचीत की। कहा कि बैठक में सभी व्यवस्थाएं उचित रही और अभिभावकों ने भी ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों की गतिविधियां साझा की।