चरखी दादरी शहर के गीता भवन में रविवार को भागवत कथा आयोजित की गई। इसमें आचार्य कृष्ण रेनू ने भागवत का महत्व और उत्पत्ति बताई। उन्होंने कहा कि जीवन का सत्य ही भागवत है। जिस प्रकार एक घड़ा बनाने के लिए मिट्टी आधार बनती है। उसी प्रकार भागवत व जीवन का आधार सत्य है। हर चीज का आधार होता है। इसके बिना किसी की रचना नहीं होती। संसार बनाने वाला सत्य है, लेकिन सांसारिक सुख व आकर्षण असत्य हैं। हमारे अपने विचार ही हमें दुखी करते हैं। भगवान ने संसार बनाया है और इसमें सत्य धर्म को स्थापित किया। आज लोग असत्य की उपासना करते हैं। इसके कारण उनके मन में विभिन्न प्रकार विचार व लालसा आती हैं। इसके कारण मन दुखी रहता है। अगर आंख खोलकर एक बार भी सत्य को पहचान लिया तो सभी दुख दूर होंगे और जीवन भी सरल बन जाएगा। इसलिए भागवत का अर्थ व महत्व भी जीवन के सत्य से रुबरु कराना है।