पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल के बाद आखिरकार देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो गया है। शुक्रवार सुबह से लागू हुई नई दरों के अनुसार, तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। 2022 के बाद हुई इस सबसे बड़ी बढ़ोतरी का सीधा और व्यापक असर हरियाणा की जनता पर भी पड़ा है। आम आदमी, व्यापारी और किसान सभी इस नई महंगाई से चिंतित हैं।हरियाणा के विभिन्न शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार और अंबाला में पेट्रोल और डीजल के दामों में इस बढ़ोतरी के बाद आवाजाही और माल ढुलाई महंगी होना तय है। किसानों पर दोहरी मार पड़ेगी क्यूंकि हरियाणा एक प्रमुख कृषि राज्य है। गर्मी के मौसम में सिंचाई और कृषि उपकरणों के लिए डीजल की भारी मांग होती है। डीजल में 3 रुपये का उछाल किसानों के लिए खेती की लागत को काफी बढ़ा देगा। नौकरीपेशा और दैनिक यात्री की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों (गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत) में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का मासिक परिवहन बजट अब बढ़ जाएगा।