एलपीजी की आपूर्ति बंद करने और पीएनजी की सीमा तय करने से उद्योगों पर संकट गहरा गया है। पानीपत की करीब 300 फैक्टरी और डाइंग हाउस बंद हो गए हैं। बाकी 200 में सप्ताहभर का स्टॉक बाकी है। उद्यमियों के सामने गैस को छोड़ कोयला चलाने का भी विकल्प नहीं बचा है। कोयला पर चलाते ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीलिंग की कार्रवाई कर देता है। पिछले दो दिन में पांच फैक्टरियों को सील करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इनमें प्रदूषण नियंत्रण के मानक नहीं मिले हैं। पानीपत में 250 डाई हाउस समेत करीब 500 फैक्टरी सीएनजी और पीएनजी पर आधारित हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के बाद फैक्टरियों में गैस की आपूर्ति बंद कर दी हैं। ऐसे में एलपीजी आधारित फैक्टरियां लगातार बंद हो रही हैं। वहीं, पीएनजी में 600 यूनिट तय कर दी हैं। इससे अधिक यूनिट प्रयोग में लाने पर दोगुना चार्ज लगाया जाएगा। यानी फैक्टरी मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा। इन सबके चलते फैक्टरी और डाइंग हाउस लगातार बंद हो रहे हैं।