गांव खरक दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई से सीधा जुड़ा है, फिर भी गांव में बसों के ठहराव के लिए बस क्यू सेल्टर बना है ना कोई ट्रेनों का ठहराव हो रहा है। गांव खरक में लंबे अर्से से रेलवे स्टेशन निर्माण कर सभी ट्रेनों के ठहराव की मांग रही है। इतना ही नहीं हाईवे की सड़क पर बरसाती पानी की निकासी के लिए चैनल ही गायब हैं। हाईवे पर बने प्रतिष्ठानों के आगे ही बारिश के पानी का ठहराव हो रहा है। गांव में तीन जलघर बने हैं, मगर नहरी पानी की दरकार है। संबंधित विभाग और सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। ये मांग और मुद्दे शुक्रवार को गांव खरक के दादी जाबदे सती माता मंदिर परिसर के स्कूल में आयोजित अमर उजाला की चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उठाई। चौपाल कार्यक्रम में हरियाणा राजपूत प्रतिनिधि महासभा के अध्यक्ष डॉ बृजपाल सिंह पप्पू, गांव खरककलां के सरपंच राजकुमार शर्मा, दादी सती जाबदे मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अशोक, रविदास सभा के अध्यक्ष धर्मबीर, बीडीसी तरुण, राष्ट्रीय कोच डॉ दीपक सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। डॉ बृजपाल सिंह पप्पू ने गांव खरक की चीर परिरिचित मांगों का जिक्र करते हुए बताया कि गांव खरक बड़ी आबादी का गांव है, लेकिन यहां पर वर्षों से रेलवे स्टेशन का निर्माण की मांग उठ रही है। यहां से काफी लोग दिल्ली में अपने कारोबार और रोजगार को लेकर रोजाना आवागमन करते हैं। दिल्ली जाने के लिए भी नजदीकी गांव बामला हाल्ट पर जाना पड़ता है। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे से जुड़ा ये बड़ा गांव बस क्यू सेल्टर से भी महरूम हैं, जबकि छोटी सी ढाणी में भी यात्रियों के लिए बस क्यू सेल्टर बने हैं। यहां बस स्टैंड की मांग भी लंबे अर्से से की जा रही है।