चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहा धरना 43वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान प्रदेश की विभिन्न 23 खापों ने धरने को समर्थन दिया। साथ ही कहा कि सरकार को ग्रामीणों की मांग पूरी करनी चाहिए व धरने को समाप्त करवाना चाहिए। इधर धरना कमेटी ने प्रेसवार्ता में बताया कि अमृत टू योजना के तहत अन्य प्रदेशों में गांवों को कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि अमृत टू योजना के तहत गांव को पानी नहीं दे सकते तो सरकार कानून बदले। विधानसभा कर विशेष सत्र बुलाया जाए। भाजपा के विधायक कानून बदलने में समर्थन नहीं करते हैं तो कांग्रेस के विधायक इस पर समर्थन करेंगे। धरना कमेटी की तरफ से रखी गई प्रेसवार्ता में पानीपत से आए एडवोकेट विजय कुमार ने बताया कि अमृत टू योजना केंद्र की है। इसकी प्रदेश में एक कमेटी बनाई जाती है जिसका चेयरमैन चीफ सेक्रेटरी होता है। इसमें आठ शर्तें लिखी हुई हैं, कमेटी ही इसे देखती है। केंद्र सरकार ने इसके लिए एक मैनुअल भी जारी किया हुआ है। उसमें टी लगाकर पानी देने का तरीका बताया हुआ है।