तोशाम तहसील के गांव सागवान में भिवानी-घग्गर ड्रेन दांग खुर्द के समीप टूटने से हालात फिर बेकाबू हो गए हैं। गांव के शमशान घाट , पंचायत घर, आंगनवाड़ी केंद्र , अखाड़ा , जलघर और राजकीय उच्च विद्यालय भी पानी में डूब गया है। इसके अलावा गांव की बस्तियों में बरसाती पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात बने हैं। ड्रेन के किनारे ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिसका अतिरिक्त पानी अब आबादी का रुख कर चुका है। गांव सागवान के सार्वजनिक स्थलों पर तीन से चार फीट जलभराव हो गया है। पीछे से दरिया की तरह बहाव वाले पानी को पाइप मोटरों से उठा कर तोशाम की तरफ छोड़ा जा रहा है । यह तेज बहाव से आबादी के कुछ घरों में घुस गया है। गांव वालों ने अपने कुछ घरों के पास चारों तरफ बांध लगाकर कुछ हद तक पानी को रोक रखा है। परन्तु पीछे से भिवानी घग्गर ड्रेन का पानी अभी भी गांव की तरफ आ रहा है। दांग कलां व सागवान की पंचायतें आपसी रजाबंदी से उस पानी को रोकने की कोशिश कर रही हैं । शनिवार को अखिल भारतीय किसान सभा की जिला की पांच सदस्यीय टीम, जिसमें जिला प्रधान रामफल देशवाल , उप प्रधान कामरेड ओम प्रकाश, कर्ण सिंह जैनावास , रणधीर सांगवान व राजेश मीरान ने गांव का दौरा किया। टीम सदस्य गांव के किसानों से मिले और प्रशासन व सरकार से शीघ्र जलभराव की निकासी करवाने, क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाने, विशेष गिरदावरी करवाने व किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। इसके साथ गांव को पीने का पानी , पशुओं के लिए चारा, किसानों के बैंक ऋण का भुगतान स्थगित करने , ब्याज माफ करने , जल भराव से मकानों को हुए नुकसान का हर्जाना देने , प्रभावित और पीड़ित मजदूरों को मुआवजा व 200 दिन 600 रुपये प्रतिदिन दिहाड़ी दिलवा कर मनरेगा का काम लगवाया जाए ।