पिछले दो दिनों से हुई लगातार बारिश के बाद ड्रेन में खेतों के पानी की निकासी ठप हो गई है। ऐसे में खेतों में जलभराव का स्तर भी अब चार से पांच फीट तक पहुंच गया है। किसानों की धान की पौध भी पानी में डूब चुकी है। वहीं खेत दूर तक दरिया में बदल चुके हैं। भिवानी-घग्गर ड्रेन में खेतों के पानी की निकासी का काम भी ठप हो गया, क्योंकि ड्रेन पहले से ही ओवरफ्लो चल रही थी, जिसका अतिरिक्त पानी नहरों में डाला जा रहा था। कई गांवों में जहां पहले से ही जलभराव था, वहां पानी का स्तर चार से पांच फीट तक पहुंच गया। गांव दांग खुर्द, दांग कलां, रामुपुरा, पुर, सिवाड़ा, तालू, धनाना सहित कई गांवों में फिर से जलभराव के पानी का स्तर बढ़ गया। हालांकि अचानक नहरों और माइनरों में आए पानी की निकासी को लेकर सिंचाई विभाग के प्रबंध भी नाकाफी पड़ गए वहीं लगातार दो दिन तेज बारिश भी हो गई। यानी आफत पर आफत बरस पड़ी तो अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए, जबकि किसानों की धान की पौध भी जलभराव से चार से पांच फीट पानी में डूब गई।