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भिवानी पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर शुरू की पूछताछ

भिवानी। जिला अनुसंधान इकाई ने योगा टीचर लगवाने के नाम पर 18 बेरोजगार युवाओं से 46 लाख 15 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता रविंद्र निवासी गांव बिधनोई, थाना बहल जिला भिवानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह गांव में डेयरी का कार्य करता है। शिकायतकर्ता की सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवक से जान-पहचान हुई। जिसने बताया कि उसकी सरकारी महकमे में काफी जान-पहचान है तथा वह सरकारी व गैर-सरकारी नौकरी लगवा सकता है। इसके बाद शिकायतकर्ता को चंडीगढ़ बुलाकर आयुष विभाग के बड़े अधिकारी से मुलाकात करवाने की बात कही। प्रदीप नामक युवक भी मिला, जिसे आयुष विभाग चंडीगढ़ में बड़े अधिकारी के पद पर बताया गया। आरोपियों ने महर्षि योगा फाउंडेशन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के सरकारी स्कूलों में योगा सहायक व योगा अध्यापक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और इस फेडरेशन के डायरेक्टर नरेंद्र से मिलवाया आरोपियों ने शिकायतकर्ता सहित 18 बेरोजगार युवाओं से नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 46 लाख 15 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। अभियोग में आगामी कार्रवाई करते हुए 7 अगस्त को जिला अनुसंधान इकाई के एएसआई राजीव कुमार ने आरोपी प्रदीप निवासी बीबीपुर को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से गहनता से पूछताछ की गई तथा अभियोग में धोखाधड़ी से संबंधित तथ्यों एवं अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई गई। अभियोग में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। रिमांड पूरा होने के बाद सोमवार को पुलिस ने आरोपी को पुन: कोर्ट में पेश किया। जहां से न्यायालय ने आरोपी को जिहला कारागार भेजने के आदेश दिए। संवाद*

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