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भिवानी: गांव खरक में 551 साल पहले हुई थी नगवा सती, दादी जाबदे मंदिर से झूके आस्था के मस्तक

गांव खरक में करीब 551 साल पहले सती हुई दादी सती जाबदे पर 12 धामाण के गांव सहित पूरे देश से लोग मत्था टेकने पहुंचते है। यहां पर आने वाले सभी भगतों की मन्नतें पूरी होती है। दादी सती जाबदे मंदिर कमेटी के प्रधान अशोक परमार ने बताया कि 551 साल पहले गांव खरक की लड़की नगवा मुल्हेड़ा में शादी हुई थी। वह लड़की 551 साल पहले खरक कलां में सती हुई थी। इसके बाद से ही उनकी पूजा होती है। करीब 4 एकड़ में बने दादी सती जाबदे मंदिर परिसर में शिव मंदिर, 9 ग्रह मंदिर व 9 देवियों के 9 दुर्गा मंदिर एक साथ बनाए गए है। मंदिर में पहुंचने वाले सभी भगत एक जगह सभी पूजा अर्चना कर सकते है। इसी मकसद से अन्य मंदिर भी दादी सती जाबदे मंदिर में बनाए हुए है। मंदिर के साथ एक दादी सती जाबदे नाम से स्कूल नर्सरी भी मंदिर कमेटी द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। स्कूल भी मंदिर कमेटी द्वारा ही संचालित किया जा रहा है। दादी सती जाबदे मंदिर में बसंत पंचमी व़ ऋषि पंचमी पर सितंबर माह में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें 12 धामाण खाप सहित पूरे भारत से भगत गांव खरक पहुंचते है। दादी सती जाबदे मंदिर कमेटी में प्रधान अशोक परमार, सचिव ईश्वर मितल, कोषाध्यक्ष पवन मितल, सदस्य जयराम परमार, रवि व प्रकाश पिछले कई सालों से मंदिर के रखरखाव व देखभाल कर रहे है। प्रधान अशोक परमार के नेतृत्व में बसंत पंचमी के दिन साल 2003 में गांव खरक कलां में दादी सती जाबदे मंदिर निर्माण की नींव रखी गई थी। दादी सती जाबदे के मुख्य मंदिर में पिछले 4 सालों से पुजारी नीरज जोशी पूजा कर रहे है।

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