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मेरा गांव मेरी शान: मुंढाल के बदहाल जलघर टैंकों से सूखा ग्रामीणों का कंठ, नहरी आपूर्ति भी कम

गांव मुंढाल के जलघर में टैंकों की सफाई न होने के कारण गंदे पानी की सप्लाई व नहरी पानी की आपूर्ति कम होने से गांव में 15 से 20 दिन में हो रही पेयजल सप्लाई के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों के मौसम में ग्रामीणों की समस्या दोगुना हो जाती है। वहीं, नियमित सप्लाई के लिए ग्रामीण प्रशासन से लेकर सरकार तक समाधान की गुहार लगा चुके है। लेकिन फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। दरअसल, जिले के अंतिम छोर पर बसे गांव मुंढाल खुर्द व मुंढाल कलां के ग्रामीणों को पीने के पानी के कारण समस्या का सामान करना पड़ रहा है। लंबे समय से गांव के जलघरों के टैंकों की सफाई न होने के कारण समस्या दोगुना हो गई है। सफाई न होने के कारण गांव में होने वाले गंदे पानी की सप्लाई से गांव में बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। साथ ही, नहरों में लंबे समय अंतराल में पानी आने के कारण जलघरों के टैंक सूखने से गांव में पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो पाती है। जिसके कारण ग्रामीण महंगे भाव से टैंकरों से पानी खरीदकर पीने को मजबूर है। आबादी के सामने छोटे पड़े रहे है जलघर गांव मुंढाल खुर्द की आबादी लगभग सात हजार से अधिक है। ऐसे में गांव के नहंसर जोहड़ में दूसरा जलघर बनाए जाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जिसके कारण गांव मुंढाल खुर्द में 15 से 20 दिन में नहरी पानी की सप्लाई हो पाती है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से नए जलघर की मांग की जा रही है। ताकि पानी की समस्या कम हो सके है और उन्हें समय पर पानी मिल सके।

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