वीरवार को सवा साल बाद जिला परिषद हाउस की बैठक आयोजित की गई। विकास कार्यों में भेदभाव के आरोपों को लेकर बैठक में जबरदस्त हंगामा हुआ। वार्ड 6 के पार्षद ने चेयरपर्सन अनीता मलिक पर सभी 22 वार्डों में समान रूप से ग्रांट वितरण न करने का आरोप लगाया। जिसको लेकर सदन की कार्रवाई के दौरान वोटिंग करवाई गई। करीब ढाई घंटे के हंगामे के बीच लगभग दस करोड़ के कार्याें पर मुहर लगाई गई। दरअसल, लगभग सवा साल के बाद विकास कार्यों को लेकर वीरवार को जिला परिषद हाउस की बैठक आयोजित की गई। बैठक सुबह 11 बजे आयोजित की गई। बैठक में 22 पार्षदों में से 18 पार्षद उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरपर्सन अनिता मलिक ने की। वहीं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय चौपड़ा बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में विकास कार्यों को लेकर चेयरपर्सन अनिता मलिक ने अपना एजेंड़ा रखा। इस दौरान वार्ड 6 के जिला परिषद सदस्य अभिषेक पहाड़ी ने विकास कार्यों के लिए समान रूप से ग्रांट वितरण न करने को लेकर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चेयरपर्सन अन्य वार्डों की तुलना में अपने स्वयं के वार्ड में विकास कार्यों को लेकर ज्यादा ग्रांट का प्रयोग करती है। इसको लेकर पार्षद रुपेंद्र व पार्षद अभिषेक पहाड़ी में आपस में जबरदस्त बहस हुई। आरोप को खत्म करने के लिए मौजूद पार्षदों में वोटिंग करवाई गई। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में विकास कार्यों को लेकर आपस में हंगामा होता रहा। हंगामा शांत करवाने को लेकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी हस्तक्षेप करते रहे। हंगामे के बीच जिले में विकास कार्यों को लेकर लगभग दस करोड़ रुपये खर्च करने पर मुहर लगी।