भिवानी में 19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में सरकार ने परिजनों की मांगें मान ली हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ट्वीट कर घोषणा की कि मनीषा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपा जा रहा है। इसके साथ ही जांच एजेंसी मनीषा के विसरा की जांच भी करवाएगी। इस फैसले के बाद मनीषा के पिता संजय और धरना कमेटी ने धरना समाप्त करने और अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई है। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। हम अब मनीषा का अंतिम संस्कार करने को तैयार हैं। हम उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस मुश्किल वक्त में हमारा साथ दिया और इंसाफ की मांग में मदद की।" धरना कमेटी के सदस्यों, जिसमें ढाणी लक्ष्मण के सरपंच जय सिंह और घिकाड़ा के पूर्व सरपंच सोमेश शामिल हैं, ने भी प्रदर्शन में साथ देने वालों का आभार जताया।