पुराने बस स्टैंड के समीप सिविल लाइन पुलिस थाना से महज दूर ही एक अधिवक्ता द्वारा 35 तोला सोना लूट की घटना में उस समय नया मोड़ आ गया जब शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि उसने झूठ कहा था। इससे पहले रात भर सिविल लाइन पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली, जिसमें लूट तो दूर अधिवक्ता के आसपास कोई दूसरा व्यक्ति ही दिखाई नहीं दिया। पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ ही झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और डॉयल 112 का दुरुपयोग करने पर कार्रवाई की है। सिविल लाइन पुलिस थाना एसएचओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि 29 जनवरी को मूल रूप से गांव धनाना और हाल बाग कोठी निवासी अक्षय ने डॉयल 112 पर सूचना दी थी कि सिविल लाइन पुलिस थाना से महज चंद कदम दूर ही क्राउन प्लाजा के पास गली में दो बाइक सवार युवको ने उससे करीब 35 तोले सोना लूट लिया है। उसने पहले तो पुलिस को बताया कि उसने दिन में दो सोने की चेन खरीद की थी। इसके अलावा उसने अपने गांव धनाना के घर से सोने की कई अंगूठियां व कड़े लेकर जिला न्यायालय परिसर स्थित चैंबर्स में आया था। वहां से देर शाम को निकला और क्राउन प्लाजा के पीछे गली में जा रहा था कि इसी दौरान उसके साथ वारदात हो गई। पुलिस ने इस सूचना के बाद दर्जनों कैमरों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। लेकिन शिकायतकर्ता अधिवक्ता के अलावा कोई युवक दिखाई नहीं दिया। बाद में पुलिस ने जब अधिवक्ता से कुछ टेडे सवाल किए तो उसने झूठी शिकायत देने की बात कबूल कर ली। एसएचओ देवेंद्र ने बताया कि डॉयल 112 आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए है। इसका दुरुपयोग करना अपराध है। उसने बताया कि अधिवक्ता द्वारा डॉयल 112 की सुविधा का दुरुपयोग करने और पुलिस को झुठी शिकायत देकर गुमराह करने पर कार्रवाई की गई है।