डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने लघु सचिवालय में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को लेकर लोगों को किसी भी प्रकार से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करेंगे। घरों से लोगों के नाम, पते या पता बदलने, मृत्यु आदि दस्तावेजों की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ-साथ मतदाताओं के दावे एवं आपत्ति सुनी जाएंगी और उनका तथ्यों के आधार पर निपटारा किया जाएगा। नागरिकों को मतदाता सूची में अपने पुनरीक्षण के लिए वर्ष 2002 से संबंधित मतदाता सूची की जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे, चाहे वह भारत वर्ष में कहीं का भी निवासी रहा हो। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में आम मतदाता और राजनीतिक दलों का सहयोग जरूरी है। पत्रकारों को जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि जिला में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिले में मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य चल रहा है। एक जून 2026 तक जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल आठ लाख 84 हजार 173 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से छह लाख 79 हजार 444 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि दो लाख 4 हजार 729 मतदाताओं की मैपिंग शेष है। जिले में अब तक 76.85 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है। जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने बताया कि 54-लोहारू विधानसभा क्षेत्र में 82.28 प्रतिशत, 57-भिवानी में 66.20 प्रतिशत, 58-तोशाम में 83.03 प्रतिशत तथा 59-बवानी खेड़ा (अनुसूचित जाति) में 76.92 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य बीएलओ द्वारा पूरा किया जा चुका है।