भिवानी के दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे फाटक 52-सी पर बन रहे शहर के सबसे छोटे 600 मीटर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण काम में अब एक नई अड़चन आ गई है। जिसकी वजह से काम फिर रुक गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग यहां सीवर लाइन शिफ्ट करने का काम करा रहा है। ये काम दिल्ली से मंगवाई गई ड्रीलिंग मशीनों से किया जा रहा है। जिसकी वजह से आसपास के मकानों में मोटी दरारे आ गई है। इस कारण मकानों के गिरने का भी डर लोगों को सता रहा है। लोगों के अंदर मकानों में मोटी दरारे आने से भय का माहौल भी बना है वहीं लोगों को बैठे बिठाए ही लाखों का नुकसान हो गया है। मामले की शिकायत उपायुक्त को भी दी गई है। जीतूवाला क्षेत्रवासी लीलूराम, गुलशन ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे घर के अंदर ही अचानक दीवारों के चटकने की आवाजें सुनाई थी। जिसके बाद बाहर निकलकर देखा तो ड्रील मशीन से सीवर लाइन डालने का काम चल रहा था, वहां जाकर कर्मचारियों को काम बंद करने के लिए बोला, मगर कर्मचारी नहीं माने। इसके बाद रात को ही घर का सामान निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट किया वहीं पड़ोसी के घर सोना पड़ा। सुबह मामले की शिकायत उपायुक्त को दी है वहीं नुकसान की भरपाई की भी मांग की है। दरअसल जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पुल निर्माण कार्य के आड़े आने वाले हिस्से में सीवर लाइन शिफ्ट कराने का काम करा रहा है। यहां संकरी जगह होने की वजह से खुदाई नहीं कराई गई जबकि ड्रीलिंग मशीन से ही सीवरपाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है। इस दौरान मकानों में दरार आने से काम फिर बंद हो गया है। पिछले ढाई साल के दौरान पुल निर्माण का काम विभिन्न कारणों से सात से आठ बार रुक चुका है।