देश में यदि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन पास होता तो देश की 70 प्रतिशत महिलाओं को उनका प्रतिनिधित्व मिलता तथा वे लोकसभा व राज्यसभा में 33 प्रतिशत की संख्या में देश की नीतियां बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाती। यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सचिव व भिवानी जिला प्रभारी रेनू डाबला ने भिवानी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस व विभिन्न राष्ट्रीय दलों ने ट्रिपल तलाक व सायरा बानो सहित विभिन्न मुद्दों पर समय-समय पर विरोध जताया, जो कांग्रेस व इंडी गठबंधन के महिला विरोधी चेहरे को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस प्रकार से उत्तर भारत व दक्षिण भारत में सीटों के बढऩे या कम होने के मुद्दे उछाल रहा है, जबकि वर्तमान विधेयक में दक्षिण के राज्यों की सीटों की भागीदारी 23.67 प्रतिशत से बढक़र 23.87 प्रतिशत हो जाती। ऐसे में विपक्ष आमजनता को गलत जानकारी देकर बरगला रहा है। भाजपा जिला प्रभारी रेनू डाबला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को नीति निर्धारण में भागीदारी देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष की राजनीति के कारण यह पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा विषय है। रेनू डाबला ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं के हितों को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह हिस्सा छीनने नहीं बल्कि हिस्सा बढ़ाने का प्रयास था, जिसे विपक्ष ने जानबूझकर रोकने का काम किया। जिला प्रभारी ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में महिलाओं को ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से तकनीकी रूप से सशक्त किया जा रहा है, लखपति दीदी योजना से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है और स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बनवाकर महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी गई है।