राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान महिला में बुधवार सुबह 11 से 12 बजे तक अमर उजाला फाउंडेशन के तहत अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम का विषय विधिक सहायता रखा गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय से डॉ. प्रवेश कुमारी, सहायक प्राध्यापिका कंप्यूटर विज्ञान व विशिष्ट अतिथि के तौर पर महिला अधिवक्ता मीना जांगड़ा ने शिरकत की। वहीं कार्यक्रम में छात्राओं ने विधिक सहायता के लिए वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे। वक्ताओं ने कहा कि कानून समाज में सभी को समान हक प्रधान करता है। समाज के जिस भी वर्ग को न्याय की जरूरत या जिन लोगों के पास न्यायालय जाकर अपनी कानूनी समस्या को रखने के लिए धन नहीं हो, उन्हें बिना पैसे लिए या बहुत कम पैसे में कानून उनकी सहायता करता है। समाज में सभी को बराबरी का दर्जा कानून दिलवाता है। विधिक सहायता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति गरीबी या सामाजिक अक्षमता के कारण न्याय से वंचित न रहे। इसमें मुख्य रूप से समाज के कमजोर वर्ग शामिल हैं, जैसे कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्य, विकलांग व्यक्ति, प्राकृतिक आपदाओं या औद्योगिक दुर्घटनाओं से प्रभावित लोग, और जिनकी वार्षिक आय एक निश्चित सीमा से कम हो। उन्हें न्याय के लिए विधिक सहायता लेनी चाहिए। विधिक सहायता केवल सेवाएं प्रदान करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में भी जागरूक करना भी इसका हिस्सा है।