सीबीएलयू में पूरा आरक्षण देने की बजाय पहले से भर्ती युवाओं को हटाने का विरोध संवाद न्यूज एजेंसी भिवानी। गांव प्रेमनगर के ग्रामीणों ने एक बार फिर सरकार को खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। ग्रामीण इस बार अपने गांव के बच्चों को यूनिवर्सिटी से हटाने से खफा हैं। गांव प्रेमनगर के ग्रामीणों ने अपने गांव में सीबीएलयू (चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी) बनाने के लिए साल 2015 में 131 एकड़ पंचायती भूमि सरकार को दी थी। साथ ही मेडिकल कॉलेज के लिए भी जमीन दी गई थी। जिसे चाहरदीवारी बनाने के बाद भिवानी में बनाना प्रस्तावित किया गया। यूनिवर्सिटी गांव में ही बनी और तब तत्कालीन सीएम मनोहरलाल ने प्रेमनगर गांव में करोड़ों रुपए से विकास कार्य करवाने व चतुर्थ श्रेणी में पांच फीसदी नौकरी प्रेमनगर के युवाओं को देने का वायदा किया। जो लागू करवाने के लिए ग्रामीणों ने कई साल धरना दिया। अब एक बार फिर प्रेमनगर गांव के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। जिसकी बड़ी वजह सीबीएलयू से गांव के कई कर्मचारियों को हटाना है। ऐसे में इन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने व गांव के युवाओं को यूनिवर्सिटी में 10 फीसदी आरक्षण देने की है मांग फिर उठने लगी है।