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अंबाला छावनी के वार हीरोज स्टेडियम में आयोजित हुए रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम

लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एक त्याग पुरुष थे और उनकी सोच में देश सबसे पहले, फिर पार्टी तथा बाद में स्वयं था। इसी विचारधारा के चलते लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पद को हंसते-हंसते त्याग दिया था। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि साल 1946 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव हुए, उसमें तय था कि जो प्रधान बनेगा, वही कल देश का प्रधानमंत्री भी बनेगा। उस समय 15 प्रदेश कांग्रेस कमेटियां थीं, जिन्होंने चुनाव में हिस्सा लिया। 15 में से 12 वोट सरदार वल्लभ भाई पटेल के पक्ष में डाले गए व 3 वोट अन्य को डाली गई। जवाहरलाल नेहरू को एक वोट तक नहीं मिली, फिर भी महात्मा गांधी ने सरदार पटेल से कहा कि वह जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं और आप पद पर अपना दावा छोड़ दें, इस पर सरदार वल्लभ भाई पटेल ने हंसते-हंसते प्रधानमंत्री पद का त्याग कर दिया। विज शुक्रवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पर अंबाला छावनी के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय रन फॉर यूनिटी पदयात्रा कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि अपार जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

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