सरकार द्वारा गन्ने के भाव में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने के फैसले से किसान संगठनों में भारी रोष है। इस मामूली वृद्धि के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) अंबाला और गन्ना संघर्ष समिति ने नारायणगढ़ में संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (चढ़ूनी) के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी प्रति किलो के हिसाब से महज 15 पैसे बैठती है। बाजार में चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि किसान को केवल 15 पैसे थमाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों के साथ भद्दा मजाक करार देते हुए कहा कि बढ़ती लागत के दौर में यह वृद्धि नाकाफी है। डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और लेबर व खाद-बीज के खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहा। उन्होंने किसानों से गन्ने के विकल्प के रूप में अन्य फसलों पर विचार करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का भाव 415 से बढ़ाकर 430 रुपये और 2027-28 के लिए 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि इससे प्रति एकड़ आमदनी 10 से 11 हजार रुपये तक बढ़ेगी, लेकिन किसान इसे नाकाफी बताकर विरोध पर अड़े हैं। प्रदर्शन में राजीव शर्मा, गुलाब पूनिया, विनोद राणा, बॉबी राणा सहित कई किसान मौजूद रहे।