पीर की चौकी भरने गई दुखेड़ी गांव निवासी 67 वर्षीय शांति देवी की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया। परिजन 15 मई से लापता महिला की तलाश कर रहे थे। 16 मई को सूचना मिलने के बाद जंगल में पहुंचे तो शव का चेहरा व उंगली क्षत-विक्षत थी। परिजनों ने कपड़ों व पास मिले सामान व घर की चाबी से शिनाख्त की। साहा थाना पुलिस ने अज्ञात पर हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार को मृतका का अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मृतका के बेटे दुखेड़ी गांव निवासी संजीव कुमार ने बताया कि वह पांच बहन व भाई है। माता शांति देवी 15 मई को दोपहर 2 बजे घर से संभालखा गांव में पीर की चौकी भरने के लिए गई थी। चाचा का लड़का चुडियाली गांव निवाी अभिमन्यु बाइक पर छोड़कर आया था। माता वापस नहीं लौटीं थी तो तलाश कर रहे थे। जंगल में मिले शव के पास से माता के कमरे की चाबी, कान से सुनने की मशीन, चश्मा वा दातों का नकली जबड़ा भी पडा हुआ था। अज्ञात पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा। -इंस्पेक्टर कर्मवीर, थाना प्रभारी साहा।