किसानों की धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है। बरसात की रहा देख रहे अन्नदाता किसान हमेशा की तरह अनुमान लगा रहे थे कि 15 जून तक बरसात शुरू हो सकती है। उसी हिसाब से उन्होंने धान की नर्सरी तैयार की थी। लेकिन, बारिश ना होने से कुछ की धान की नर्सरी सूख गई। कुछ किसानों ने आपने निजी साधनों से खेत की रोपाई शुरू कर दी है। खेत पूरी तरह सूखे हुए हैं, जिससे खेतों में पानी अधिक लग रहा। इसका असर किसानों के जेब पर पड़ रहा।