दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में शनिवार को ''शब्द एंड स्टैंजा: बाइलिंग्वल क्रिएटिव वॉइसे'' शीर्षक से एक प्रेरणादायक काव्य सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के शोधार्थियों और छात्रों ने हिंदी और अंग्रेजी में स्वरचित कविताओं का पाठ किया, जो उनकी रचनात्मक प्रतिभा और साहित्यिक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन था। बीए की छात्रा पल्लवी शर्मा ने ''प्रकट होकर सहज शंकर मधुर विषपान करते हैं, जहां पर पूज कर पत्थर को भी भगवान कहते हैं। रहते हैं जहां एक साथ में हर मजहबों के लोग, अकेला मुल्क है जिसको हम हिंदुस्तान कहते हैं'' कविता प्रस्तुत की।