1970 में भारत रिजर्व से पीएसी बनी 33वीं बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि उस समय जो शस्त्र और वस्त्र उपयोग में लाए जाते थे। वो अब उपयोग में नहीं हैं। उन्हें आधुनिक शास्त्रों से बदल दिया गया है। उन सबको जीवंत करने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई है। इसे आम लोग आकर भी देख सकते हैं। यहां वे पुराने हथियारों आदि की जानकारी ले सकते हैं।