छोटे शहरों की कहानियों के ज़रिए बॉक्स ऑफिस की बहार लौटाने की उम्मीद कर रहे निर्देशकों शरत कटारिया और विशाल भारद्वाज की कोशिशें इस बार कमज़ोर साबित हुई हैं। पटाखा जहां विशाल की लाइन से छठी फ्लॉप फिल्म साबित होने जा रही है, वहीं सुई धागा में भी वह दम नहीं है जिसकी इससे उम्मीद की जा रही थी। देखिए अमर उजाला का वीकली रिव्यू।