केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को बधाई दी, नारे लगाए और इसे अपने लंबे आंदोलन की बड़ी जीत बताया। कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी आवाज़ आखिरकार सरकार तक पहुंची और नैतिक जिम्मेदारी तय हुई। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा अन्य मांगों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रहेगा।