दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर, ओपीडी और कई बार वार्डों के आसपास तक बंदर और आवारा कुत्ते घूमते दिखाई देते हैं। इससे मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसा ही मामला डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में बढ़ता जा रहा, जहां बंदरों ने मरीजों के पियाऊं व बैठने के लिए बेंच जैसी सुविधाओं पर कब्जा करना शुरू कर दिया है।