मरीजों की समस्याओं को देखते हुए निजी संस्थानों में होम आईवीएफ की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, जिससे पूरी जांच के साथ पूरी प्रकिया आसानी से हो सकेगी। देर से शादी के कारण हर तीसरी महिला में समस्या दिख रही है। ये सुविधा किस तरह से मददगार हो सकती है, इस मुद्दे पर डॉ गौरी अग्रवाल ने विस्तार से अपनी बात रखी-