दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कर्मचारियों की हाजिरी अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से होगी। वहीं, कर्मचारियों के नशे में होने की भी नियमित जांच की जाएगी। डीटीसी की ओर से बस अड्डों में 100 अटेंडेंस सिस्टम और 100 ब्रेथ एनालाइजर (नशे की जांच के लिए) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए निविदा जारी की गई है। जिस कंपनी को काम मिलेगा उसे तीन साल तक इसकी देखरेख भी करनी होगी। परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, फेस रिकॉग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम कर्मचारी की उपस्थिति को सटीक रूप से ट्रैक करेगा। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें बस चालक दिन में एक शिफ्ट खत्म कर दूसरी शिफ्ट करने लगते हैं। ऐसे में चालक को पर्याप्त आराम नहीं मिलता और सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। इससे कर्मचारी डबल शिफ्ट नहीं कर पाएंगे। मौजूदा समय में शिफ्ट टाइमिंग के अनुसार कर्मचारियों के इन-टाइम और आउट टाइम को मैन्युअल रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। बाद में इसे एक्सेल में अपडेट किया जाता है। वर्तमान में डीटीसी के पास 30,000 कर्मचारी पेरोल पर हैं।