दिल्ली में निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों से होने वाले धूल प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च किया है। नए पोर्टल के जरिए निर्माण स्थलों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। डीपीसीसी के अनुसार, 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण और डिमोलिशन प्रोजेक्ट्स का इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। परियोजना संचालकों को हर 15 दिन में नियमों के पालन की सेल्फ-ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी। नए पोर्टल के तहत निर्माण स्थलों पर पीएम2.5 और पीएम10 की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी सेंसर लगाने होंगे। साथ ही, साइट की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लाइव सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे, जिनकी फीड डीपीसीसी को उपलब्ध करानी होगी। सेल्फ-ऑडिट में 12 प्रमुख बिंदुओं की जांच होगी। इनमें साइट के चारों ओर ग्रीन नेट लगाना, नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, वाहनों के टायर धोने की व्यवस्था, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, कचरे का सही निपटान और श्रमिकों को जागरूक करना शामिल है।