अवसाद (डिप्रेशन) केवल मानसिक परेशानी नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। विश्व मनोचिकित्सा जर्नल में प्रकाशित 268 अध्ययनों की सबसे बड़ी समीक्षा में पाया गया कि अवसाद से पीड़ित लोगों में समय से पहले मौत का खतरा लगभग दोगुना और आत्महत्या का जोखिम करीब 10 गुना अधिक होता है। मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएचबीएएस) के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि अवसाद हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों से मृत्यु का खतरा भी बढ़ाता है। हालांकि समय पर इलाज मिलने पर मृत्यु दर में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने अवसाद के लक्षण दिखने पर जल्द चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी