प्रतिभा और खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं होने के बावजूद दिल्ली फुटबॉल देश के कई राज्यों से पीछे दिखाई दे रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह बुनियादी ढांचे की कमी मानी जा रही है। दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (डीएसए) की डिविजन लीग में पंजीकृत 71 क्लबों में से महज 10 क्लबों के पास ही अपना मैदान है, जबकि बाकी क्लबों को अभ्यास और मैचों के लिए किराए के मैदानों पर निर्भर रहना पड़ता है।