प्रगति मैदान में चल अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में मणिपुर के प्रख्यात पानी में उगे घास (वॉटर ग्रास) से बने बकेट खासे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मणिपुर की मौना सोसोफिया ने बताया कि उन्हें यह आइडिया मिला अपने परिवार से जहां सभी इस तरह के वॉटर ग्रास से बैग,पर्स, टोकरी और डाली तैयार करते आ रहे हैं। उसी समय उन्हें यह विचार आया कि मणिपुर में इस तरह कि बकेट अधिक प्रख्यात है तो इसी का काम किया जाएगा और इस कला को भारत के हर कोने तक पहुंचाया जाए। मौना सोसोफिया इस काम को बारीकी से सीखने के लिए ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ीं और अपनी कला को निखारा और पिछले चार सालों से अपनी हाथों की कला से खुद की आजीविका के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार के अवसर दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके साथ में इस काम को करने में 11 महिलाओं की टीम है, जो साथ मिलकर इस बकेट को बनाती हैं और इस पर हाथ से धागे से फूल बनाती हैं, जिससे यह बकेट और भी सुंदर और आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेड फेयर में उनका अनुभव पहली बार का है।