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VIDEO : पाली गांव में आयोजित अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने बताई समस्याएं, मुख्य मार्ग से लेकर गलियों की स्थिति है बदहाल

अनुज कुमार Updated Thu, 30 Jan 2025 05:56 PM IST

पाली गांव को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक दशक पहले ही आदर्श गांव भले ही घोषित कर दिया गया था, लेकिन गांव के लोगों को रोजाना मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सीवर की लाइन बिछाए हुए करीब एक दशक हो गए हैं, लेकिन अभी तक इसके कनेक्शन नहीं किए गए हैं। पानी की पाइप लाइन भी गांव में बिछी हुई है, लेकिन पानी की सप्लाई नहीं शुरू होने के कारण गांव के लोगों को बोरवेल के पानी के सहारे रहना पड़ रहा है। गांव के मुख्य मार्ग से लेकर गलियों की स्थित बदहाल हो चुकी है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में गलियों में जलभराव हो जाता है। अमर उजाला ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में ग्रामीण संवाद आयोजित किया। यहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को बताया। गांव के लोगों ने बताया कि गांव में करीब एक दशक पहले सीवर की पाइप लाइन बिछा दी गई थी। लेकिन अभी तक घरों से कनेक्शन नहीं दिया गया है। जिस कारण गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, पानी की पाइप लाइन भी एक महीने पहले गांव में डाल दी गई थी। लेकिन अभी तक पानी की सप्लाई नहीं शुरू हो सकी है। जिसके चलते गांव के लोग बोरवेल के पानी के सहारे रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में गलियों में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के मौसम में गलियों में घुटनों से पानी भर जाता है जिससे होकर गुजरना पड़ता है। गांव में खेल मैदान बनाए जाने की मांग ग्रामीणों ने रखी। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में खेल का मैदान नहीं होने के कारण बच्चों को खेल और भर्ती की तैयारी करने के लिए गांव से करीब दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है जिससे समय के साथ अधिक रुपये की बर्बादी होती है। साथ ही बच्चों को थकान होने के कारण कम अभ्यास कर पाते हैं। गांव में बनाए गए शमसान घाट और बारात घर की स्थिति बदहाल हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार करके निर्माण कार्य कराया गया है। जिससे कम समय में स्थिति जर्जर हो रही है। गांव में लगी स्ट्रीट लाइटें सिर्फ शोपीस बनी हुई हैं। शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाता है। जिससे लोगों को कहीं भी आने जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जब कभी ही गलियों में झाड़ू लगती है साथ ही नालियों की भी महीने में एक या दो बार ही सफाई होती है। जिससे नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगता है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण के गांव के लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। संवाद में आदि मौजूद रहे। आशीष चौरसिया की रिपोर्ट...

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