दादरी स्थित कुमारी मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर गांधी अध्ययन केंद्र की स्थापना की गई। मेरठ विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन चंद्र लोहना ने कहा कि महात्मा गांधी भारत के थे, लेकिन वे केवल भारत तक ही सीमित नहीं थे। उनकी विचारधाराओं ने जाति, धर्म, राष्ट्र और समय की सीमाओं को बखूबी पार किया है। गांधीजी ने कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने पर बल दिया था। वह अब उत्तर प्रदेश की सरकार भी कर रही है। एक जिले एक उत्पाद को बढ़ावा मिल रहा है। प्राचार्य प्रो.डॉ अनीता रानी राठौर ने कहा कि गांधी को बिना पढ़े नहीं जाना जा सकता है। विभागाध्यक्ष प्रो डॉ रश्मि कुमारी ने कहा कि आइंस्टीन ने लिखा था कि भावी पीढिय़ों को विश्वास ही नहीं होगा कि इस धरती पर हाड़-मांस का कोई गांधी कभी जन्मा भी था। गांधी को न केवल देश में बल्कि विदेश में भी पढ़ा जाता है। इस मौके पर डॉ मीनाक्षी, डॉ विनीता,डॉ नीरज,डॉ कनक कुमार,डॉ दिप्ती के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।